CRPF कैंप में खूनी गोलीकांड: 3 जवानों की मौत, 1 घायल | Assam Nagaon News

 34वीं बटालियन CRPF कैंप में गोलीबारी: 3 जवानों की मौत, 1 घायल, प्रारंभिक जांच में फ्रैट्रिसाइड के बाद आत्महत्या की आशंका
**नगांव (असम), 4 अगस्त:** असम के नगांव जिले स्थित 34वीं बटालियन सीआरपीएफ कैंप में सोमवार सुबह एक दर्दनाक गोलीबारी की घटना सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में तीन जवानों की मौत हो गई, जबकि एक जवान घायल हो गया। शुरुआती जांच में इसे फ्रैट्रिसाइड (सहकर्मी पर हमला) के बाद आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 7:00 बजे 34वीं बटालियन में मुख्य द्वार (Main Gate) पर गार्ड कमांडर के रूप में ड्यूटी कर रहे **एएसआई/जीडी बलानी प्रेमा बराम** ने मेन गेट गार्ड रूम से INSAS राइफल उठाई और सीधे क्वार्टर गार्ड (कोटे) पहुंच गए।

वहां उन्होंने सबसे पहले कोटे कमांडर **एचसी/जीडी विष्णु प्रसाद बघेल** पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इसके बाद उन्होंने क्वार्टर गार्ड के पीछे मौजूद **एसआई/जीडी रामनवल यादव**, जो जीसी लखनऊ से डेटा वेरिफिकेशन संबंधी डाक ड्यूटी पर आए थे, पर भी फायरिंग कर दी। इस हमले में उनकी भी मौत हो गई।

घटना के दौरान 171वीं बटालियन से डाक ड्यूटी पर आए **एएसआई/जीडी माने गोविंद** भी गोलीबारी की चपेट में आ गए। गोली उनके पैर में लगी, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। वर्तमान में उनका उपचार **देउ केयर हॉस्पिटल, नगांव** में चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

फायरिंग की घटना को अंजाम देने के बाद एएसआई/जीडी बलानी प्रेमा बराम ने कथित रूप से खुद को भी गोली मार ली, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

मृतकों की सूची
- एएसआई/जीडी बलानी प्रेमा बराम – 34वीं बटालियन (गार्ड कमांडर)
- एसआई/जीडी रामनवल यादव – जीसी लखनऊ (डाक ड्यूटी)
- एचसी/जीडी विष्णु प्रसाद बघेल – 34वीं बटालियन (कोटे कमांडर)

- एएसआई/जीडी माने गोविंद – 171वीं बटालियन (पैर में गोली, उपचार जारी)

सीआरपीएफ एवं स्थानीय पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल गोलीबारी के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

नोट: यह समाचार प्रारंभिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों में बदलाव संभव है !!

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