इसराइल और हमास के बीच हुए युद्ध में होगा अब समझौता : इजरायल व आतंकी संगठन हमास के बीच थमी लड़ाईअमेरिका, मिस्र व अन्य देशों के दबाव का सामने आया परिणाम

यरुशलम एजेंसियां यरुशलम, एजेंसियां : युद्ध का मैदान बने गाजा पट्टी में 11 दिनों बाद इजरायल और आतंकी संगठन हमास के बीच लड़ाई थम गई। अमेरिका, मिस्र और अन्य देशों के दबाव के चलते दोनों पक्ष संघर्ष विराम को सहमत हो गए। यह संघर्ष विराम शुक्रवार तड़के से प्रभावी हो गया। इस कदम का संयुक्त राष्ट्र (यूएन) प्रमुख एंतोनियो गुतेरस के अलावा रूस और अन्य देशों ने स्वागत किया है। 2014 के गाजा युद्ध के बाद इजरायल और हमास के बीच यह सबसे भीषण संघर्ष बताया जा रहा है। गत दस मई से छिड़े इस संघर्ष में ढाई सौ से ज्यादा लोगों की मौत हुई। संघर्ष विराम की खबर मिलने पर हमास के शासन वाले गाजा पट्टी में लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपनी

खुशी का इजहार किया। इजरायली सिक्यूरिटी कैबिनेट ने गुरुवार देर रात संघर्ष विराम पर मुहर लगाई। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दफ्तर ने एक बयान में कहा कि बिना किसी शर्त संघर्ष विराम को सहमति दी गई है। 11 दिन चले संघर्ष में इजरायल और हमास दोनों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। साथ ही दोनों ने यह भी कहा कि संघर्ष विराम का उल्लंघन होने पर जवाबी कार्रवाई को तैयार हैं। हमास के सियासी ब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य इज्जत अल-रेशीक ने कहा, 'यह सच है कि संघर्ष आज खत्म हो गया, लेकिन नेतन्याहू और पूरी दुनिया को पता होना चाहिए कि हमारे हाथ ट्रिगर पर हैं और हम अपनी क्षमताओं को बढ़ाना जारी रखेंगे।'

अमन की राह

• 11 दिनों की लड़ाई के बाद दोनों पक्ष
संघर्ष विराम पर हुए सहमत

• यूएन, रूस समेत दुनिया के कई देशों इस कदम का किया स्वागत

अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने भी संघर्ष विराम की सराहना करते हुए कहा, 'फलस्तीन और इजरायली नागरिक समान रूप से सुरक्षित माहौल में जीने के हकदार हैं।' बाइडन ने पत्रकारों को बताया, 'मैंने मिस्र के राष्ट्रपति और इजरायल के प्रधानमंत्री से फोन पर बात की। मैंने संघर्ष रोकने का फैसला लेने के लिए नेतन्याहू की तारीफ की।'

मिस्र ने निभाई मध्यस्थता भेजेगा प्रतिनिधमंडल

इजरायल और हमास में संघर्ष विराम कराने में मिस्र ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। मिस्र ने कहा कि वह संघर्ष विराम पर नजर रखने के लिए इजरायल और गाजा में एक-एक प्रतिनिधिमंडल भेजेगा। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का आभार व्यक्त किया कि उनकी अहम भूमिका से मिस्र की मध्यस्थता से इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम कराने में सफलता मिली।

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